दर्द के समंदर हमारे दिल में लहराते है ।
हमारी मेहनत से जमाने बदल जाते है ।
झोपड़ी में रहते मुफलिसी के मारे हम ,
दुनिया के महलों को हम ही जगमगाते है ।
"जय कुमार" 01/05/14
हमारी मेहनत से जमाने बदल जाते है ।
झोपड़ी में रहते मुफलिसी के मारे हम ,
दुनिया के महलों को हम ही जगमगाते है ।
"जय कुमार" 01/05/14
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