तेरी मौत महबूबा बनकर आयेगी ।
अपने महबूब को साथ ले जायेगी ।
छोड़ जायेगी तुझे तेरे अपनों के हवाले ,
अपना पैगाम ये दुनिया को दे जायेगी ।
तेरी दौलत के खजाने काम ना आयेगे ।
तेरे ही अपने इसे नौँच नौंच खायेगे ।
तुजे अकेला जाना होगा सब छोड़कर ,
यमराज जब तुझको लेने को आयेगे ।
तेरी साख सब राख में मिल जायेगी ।
तेरी शोहरत मिट्रटी में मिल जायेगी ।
बस कुछ दूर तलक साथ ले जायेगे ,
तेरी दुनिया राम राम सत्य गायेगी ।
कुछ दिन याद कर भी ले शायद कोई ।
कुछ बातें तेरी भी कर ले शायद कोई ।
अब भी संभल कर गुजर कुछ ऐसा ,
सदियों तक याद कर भी ले शायद कोई ।
"जय कुमार"29/04/14
अपने महबूब को साथ ले जायेगी ।
छोड़ जायेगी तुझे तेरे अपनों के हवाले ,
अपना पैगाम ये दुनिया को दे जायेगी ।
तेरी दौलत के खजाने काम ना आयेगे ।
तेरे ही अपने इसे नौँच नौंच खायेगे ।
तुजे अकेला जाना होगा सब छोड़कर ,
यमराज जब तुझको लेने को आयेगे ।
तेरी साख सब राख में मिल जायेगी ।
तेरी शोहरत मिट्रटी में मिल जायेगी ।
बस कुछ दूर तलक साथ ले जायेगे ,
तेरी दुनिया राम राम सत्य गायेगी ।
कुछ दिन याद कर भी ले शायद कोई ।
कुछ बातें तेरी भी कर ले शायद कोई ।
अब भी संभल कर गुजर कुछ ऐसा ,
सदियों तक याद कर भी ले शायद कोई ।
"जय कुमार"29/04/14
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