Mere Bhav
Wednesday, 25 June 2014
" मुक्तक "
कोई राजा तो कोई रंक देखा
अच्छो अच्छो का अंत देखा
कोई ना अछूता रहा मृत्यु से
जन , संत और सामंत देखा
"जय कुमार" २२ /०६/१४
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