दमन किया
वासनाओं को तब
स्वयं को जिया
धन लालच
संपत्ति आसक्ति ना
आत्म को जिया
मगन मन
औरों का भला कर
जहर पिया
आपना नाम
इच्छा ना सताई जो
जीवन जिया
मोह मुक्त हो
जन भक्त बनके
काम को किया
चलता रहे
कर्म पथ पर वो
सच्चा जीवन
"जय कुमार" 25/06/14
वासनाओं को तब
स्वयं को जिया
धन लालच
संपत्ति आसक्ति ना
आत्म को जिया
मगन मन
औरों का भला कर
जहर पिया
आपना नाम
इच्छा ना सताई जो
जीवन जिया
मोह मुक्त हो
जन भक्त बनके
काम को किया
चलता रहे
कर्म पथ पर वो
सच्चा जीवन
"जय कुमार" 25/06/14
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