गुजारिस थी उनसे अब याद ना आया करो ।
बिखर चुके है हम अब और ना सताया करो ।
बहुत मुश्किल से लड़खड़ाते हुए खड़े होते हैं ,
दुआयें देकर मुझे अब और ना गिराया करो ।
"जय कुमार"24/06/14
बिखर चुके है हम अब और ना सताया करो ।
बहुत मुश्किल से लड़खड़ाते हुए खड़े होते हैं ,
दुआयें देकर मुझे अब और ना गिराया करो ।
"जय कुमार"24/06/14
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