होंठो पे हँसी बसती जिनके ,
दिल में छाले होते है ।
अपने गम को छुपा लेते जो ,
वो चाहने वाले होते है ।
डूबे रहते वो सुरमाला में ।
गाते गीत अपनी हाला में ।
कहते ना अपनी पीड़ा जो ,
खुद में रमने वाले होते है . .
मौन रुप धारण कर लेते ।
अपना सब ओरों को दे देते ।
ओरो पर उपकार करें जो ,
समता में जीने वाले होते है . .
प्रेम की भाषा पड़नी जाने ।
प्रेम ह्रदय को ही पहचाने ।
प्रेम पर मर मिटते वो जो ,
प्रेम में डूबने वाले होते है . . .
मौसम की रवानी उनमें ।
जीवन की जवानी उनमें ।
फूलों सी खुशबु रहती जो ,
पतझड़ में खिलने वाले होते है . .
होंठो पे हँसी बसती जिनके ,
दिल में छाले होते है . .
अपने गम को छुपा लेते जो ,
वो चाहने वाले होते है . .
"जय कुमार"20/06/14
दिल में छाले होते है ।
अपने गम को छुपा लेते जो ,
वो चाहने वाले होते है ।
डूबे रहते वो सुरमाला में ।
गाते गीत अपनी हाला में ।
कहते ना अपनी पीड़ा जो ,
खुद में रमने वाले होते है . .
मौन रुप धारण कर लेते ।
अपना सब ओरों को दे देते ।
ओरो पर उपकार करें जो ,
समता में जीने वाले होते है . .
प्रेम की भाषा पड़नी जाने ।
प्रेम ह्रदय को ही पहचाने ।
प्रेम पर मर मिटते वो जो ,
प्रेम में डूबने वाले होते है . . .
मौसम की रवानी उनमें ।
जीवन की जवानी उनमें ।
फूलों सी खुशबु रहती जो ,
पतझड़ में खिलने वाले होते है . .
होंठो पे हँसी बसती जिनके ,
दिल में छाले होते है . .
अपने गम को छुपा लेते जो ,
वो चाहने वाले होते है . .
"जय कुमार"20/06/14
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