"हाइकू"
बीज से पौधा
तना डालियाँ पत्ते
फूल व फल
क्रम चलता
निरंतर यही जो
प्राकृतिक है
फल फूल से
पत्ता डाली तना से
जड़ जमीन
मानव तन
माँ पिता वीरज से
हाड माँस है
जन्म रुदन
माँ रस अमृत जो
पोषण देता
समय गति
करती पुष्ट जो
पाता जगत
फिर छूटता
समय होता बूड़ा
त्वचा चिपकी
जींड़ तन में
ऊर्जा खत्म होती है
मन उदास
नव जीवन
पाने को आतमन
छोड़ती तन
क्रम जारी जो
जगत है चलता
जीव पलता
एक प्रश्न जो
करता है बैचेन
आत्मन क्या
आत्माराम जो
वह चाहता क्या है
यूँ बदलना
चिंतन करो
सच्चे मन से मिलो
रास्ते खोजना
बढ़ना फिर
कष्टदायक होगे
चलना होगा
बढ़ते चलो
मंजिल मुमकिन
बस चलना
जहाँ प्रकाश
शाँति परम जहाँ
दुख से मुक्त
तम से मुक्त
प्रकाश ही प्रकाश
परम पद
समस्त मुक्त
परम युक्त होगा
निर्विकार जो
"जय कुमार"22/06/14
बीज से पौधा
तना डालियाँ पत्ते
फूल व फल
क्रम चलता
निरंतर यही जो
प्राकृतिक है
फल फूल से
पत्ता डाली तना से
जड़ जमीन
मानव तन
माँ पिता वीरज से
हाड माँस है
जन्म रुदन
माँ रस अमृत जो
पोषण देता
समय गति
करती पुष्ट जो
पाता जगत
फिर छूटता
समय होता बूड़ा
त्वचा चिपकी
जींड़ तन में
ऊर्जा खत्म होती है
मन उदास
नव जीवन
पाने को आतमन
छोड़ती तन
क्रम जारी जो
जगत है चलता
जीव पलता
एक प्रश्न जो
करता है बैचेन
आत्मन क्या
आत्माराम जो
वह चाहता क्या है
यूँ बदलना
चिंतन करो
सच्चे मन से मिलो
रास्ते खोजना
बढ़ना फिर
कष्टदायक होगे
चलना होगा
बढ़ते चलो
मंजिल मुमकिन
बस चलना
जहाँ प्रकाश
शाँति परम जहाँ
दुख से मुक्त
तम से मुक्त
प्रकाश ही प्रकाश
परम पद
समस्त मुक्त
परम युक्त होगा
निर्विकार जो
"जय कुमार"22/06/14
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