Thursday, 19 June 2014

पँछी की उड़ान

पँछी की उड़ान वही होगी
चाहे बदल दो आकाश ।
उल्लु की प्रकृति ना बदलेगी
चाहे बदल दो प्रकाश ।
होने ना होने का अंतर बस
जिसे समझना है यारो ,
शीरत ना बदलेगी कभी यहाँ
चाहे बदल दो लिबास ।

"जय कुमार"१८ /०६ /१४ 

No comments:

Post a Comment