मुद्दतों बाद रुत सुहानी आई ।
मुद्दतों बाद याद पुरानी आई ।
बीते पलों की खुशबु से आज ,
मुद्दतों बाद तबियत पे रवानी आई ।
"जय कुमार" १४ /०६/१४
मुद्दतों बाद याद पुरानी आई ।
बीते पलों की खुशबु से आज ,
मुद्दतों बाद तबियत पे रवानी आई ।
"जय कुमार" १४ /०६/१४
No comments:
Post a Comment