मोह पिया के रंग में , रंगना ओ रंगरेज ।
दूर पिया परदेश से , यादों के रंग है भेज ।
नीर नयन में भरे पड़े , रंग पिया की याद ,
इन दोनों के मिलन से , पिया बने रंगरेज ।
"जय कुमार"१२/ ०६ /१४
दूर पिया परदेश से , यादों के रंग है भेज ।
नीर नयन में भरे पड़े , रंग पिया की याद ,
इन दोनों के मिलन से , पिया बने रंगरेज ।
"जय कुमार"१२/ ०६ /१४
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