Mere Bhav
Sunday, 8 June 2014
"दिल का मिलन"
मेरा दिल उसके दिल से मिल गया ।
दिल की बगिया में फूल खिल गया ।
चोट खाईं जिसने जमाने की लाखों ,
दरकते दिल को अब वो सिल गया ।
"जय कुमार" 7/06/14
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment