जीवन मेँ है रंग निराले ,
इन रंगोँ मे रंग जाओ रे . . . . .
गम के बादल छट गये ,
अब सुंदर राग सुनाओ रे . . . . .
हम रहते उस धरा पर ,
जिस धरा पर जीवन पलता ,
छोड़कर अपनी नाकामी ,
जीत का जश्न मानाओ रे . . . .
बीत गया जो बीत गया ,
पीछे हुआ जो उसको छोड़ो ,
अब आगेँ बात चलाओ रे . . . .
अपने अंदर खुद झाँके हम ,
क्या सही और क्या गलत ,
ऐसा जीवन बहुत चल गया ,
अब ईमान की बात सुनाओ रे . . . .
इस जीवन की कड़ी परीक्षा ,
हमको आंगे निकलना है ,
कुछ ऐसा अब हम कर जाएँ
फिर अमर पद पाओ रे . . . .
"जय"
25/09/13
इन रंगोँ मे रंग जाओ रे . . . . .
गम के बादल छट गये ,
अब सुंदर राग सुनाओ रे . . . . .
हम रहते उस धरा पर ,
जिस धरा पर जीवन पलता ,
छोड़कर अपनी नाकामी ,
जीत का जश्न मानाओ रे . . . .
बीत गया जो बीत गया ,
पीछे हुआ जो उसको छोड़ो ,
अब आगेँ बात चलाओ रे . . . .
अपने अंदर खुद झाँके हम ,
क्या सही और क्या गलत ,
ऐसा जीवन बहुत चल गया ,
अब ईमान की बात सुनाओ रे . . . .
इस जीवन की कड़ी परीक्षा ,
हमको आंगे निकलना है ,
कुछ ऐसा अब हम कर जाएँ
फिर अमर पद पाओ रे . . . .
"जय"
25/09/13
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