तेरा ना सही उसका भी ना सही ,
किसी का तो सहारा मिला होता . .
बंजर जमीँ थी फूल कैँसे खिलते ,
कुछ बूँदोँ का सहारा मिला होता . .
हमपर था हक बेशक तुमारा ,
बिगड़े हालात मेँ हक जताया होता . .
मेरी राह के पत्थर इशारा करते थे ,
मंजिल ने भी तो मुझे जताया होता . .
खबर कहाँ थी हमको नेकी बदी की ,
मेरे बागबां ने तो फर्ज निभाया होता . .
रुश्वा कर दिया मुझको आज तुने ,
काश एक प्यार का गीत गाया होता . .
"जय" २१/११/२०१३
किसी का तो सहारा मिला होता . .
बंजर जमीँ थी फूल कैँसे खिलते ,
कुछ बूँदोँ का सहारा मिला होता . .
हमपर था हक बेशक तुमारा ,
बिगड़े हालात मेँ हक जताया होता . .
मेरी राह के पत्थर इशारा करते थे ,
मंजिल ने भी तो मुझे जताया होता . .
खबर कहाँ थी हमको नेकी बदी की ,
मेरे बागबां ने तो फर्ज निभाया होता . .
रुश्वा कर दिया मुझको आज तुने ,
काश एक प्यार का गीत गाया होता . .
"जय" २१/११/२०१३
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