बड़ा अजीब रिवाज देखा तेरा भी मेरे रब ,
प्रेम को रोते देखा बेमुरब्बत खुश रहते है ।
इस जमाने में पत्थरों का राज हो चला आज ,
बेईमान इज्जत ईमानदार जिल्लत सहते है ।
प्रेम को रोते देखा बेमुरब्बत खुश रहते है ।
इस जमाने में पत्थरों का राज हो चला आज ,
बेईमान इज्जत ईमानदार जिल्लत सहते है ।
"जय कुमार"15/04/15
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