खारों के साथ चलना सीख लिया हमने ।
मुश्किलों साथ रहना सीख लिया हमने ।
तूफां हो रवानी पे चाहे हो काल का वार ,
हिम्मत से आगे बढ़ना सीख लिया हमने ।।
तेज तूफान में कस्ती बढ़ानी होगी अब ।
भँवर के साथ जान लड़ानी होगी अब ।
पतवार टूटे चाहे छेद हो जाये कस्ती में ,
साहिल तक कस्ती पुँहुचानी होगी अब ।।
रेगिस्तान का ताप जला न पायेगा हमे ।
जलजला धरा का हिला न पायेगा हमें ।
हम मतवाले जिँदगी के हमको डर कहाँ ,
आकाश का रुधन रुला ना पायेगा हमें ।।
"जय कुमार15/04/15
मुश्किलों साथ रहना सीख लिया हमने ।
तूफां हो रवानी पे चाहे हो काल का वार ,
हिम्मत से आगे बढ़ना सीख लिया हमने ।।
तेज तूफान में कस्ती बढ़ानी होगी अब ।
भँवर के साथ जान लड़ानी होगी अब ।
पतवार टूटे चाहे छेद हो जाये कस्ती में ,
साहिल तक कस्ती पुँहुचानी होगी अब ।।
रेगिस्तान का ताप जला न पायेगा हमे ।
जलजला धरा का हिला न पायेगा हमें ।
हम मतवाले जिँदगी के हमको डर कहाँ ,
आकाश का रुधन रुला ना पायेगा हमें ।।
"जय कुमार15/04/15
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