बेटियाँ तो कोयल के बोल सी है ।
बेटियाँ तो मिश्री के घोल सी है ।
बेटियों को बेटो से कम मत आँकना ,
बेटियाँ तो पारस पत्थर के मोल सी है ।।
बेटियाँ तो मिश्री के घोल सी है ।
बेटियों को बेटो से कम मत आँकना ,
बेटियाँ तो पारस पत्थर के मोल सी है ।।
"जय कुमार"4/4/15
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