Mere Bhav
Tuesday, 26 May 2015
रोज ख्वाव
रोज ख्वाव में जो आते रहे ।
जिंदगी वही जुल्म ढाते रहे ।
टीस देते जो जुम्ले हर पल ,
गीतों में वही हम गाते रहे ।।
"जय कुमार"29/04/15
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