पत्थर का दिल , रेत का घर नही है ।
जिंदगी खारों में , काल का डर नहीं है ।
नियत निमित मंजिल के बनाये हुए ,
चलना मुकद्दर , छोटा सफर नहीं है । ।
जिंदगी खारों में , काल का डर नहीं है ।
नियत निमित मंजिल के बनाये हुए ,
चलना मुकद्दर , छोटा सफर नहीं है । ।
"जय कुमार"9/4/15
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