पसीने की रोटी में दर्द का बसेरा देखा ।
मुस्कराती जिन्दगी में तम घनेरा देखा ।
मुस्कराती जिन्दगी में तम घनेरा देखा ।
गम के बादल छायेंगे छाने दो मेरे यार ,
आफताप के साथ भी हमने अँधेरा देखा ।
आफताप के साथ भी हमने अँधेरा देखा ।
आस से आसमाँ टिका भरोसा ना रहा ,
भयानक वन मृग ने शेरों का घेरा देखा ।
भयानक वन मृग ने शेरों का घेरा देखा ।
मुकम्मल इंसान पाक नियत से होता है ,
होश खो बैठा आईने में चेहरा मेरा देखा ।
होश खो बैठा आईने में चेहरा मेरा देखा ।
रात काली काल का भय न करना तुम ,
आस कि किरण आसमाँ से सबेरा देखा ।
आस कि किरण आसमाँ से सबेरा देखा ।
"जय कुमार"30/04/15
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