Mere Bhav
Sunday, 17 May 2015
काल की गोद मैं बैठ , पल पल लुटता जाय ।
जीवन हर पल छिन रहा , मानव तू मुस्कराय ।।
"जय कुमार"6/4/15
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment