हर पल जिनका जिक्र करे दिल ,
जाने वो कहाँ पर खोये हुए है ।
हर आरजू में वो हर दुआ में वो ,
जाने किस कंधे पर रोये हुए है ।
मशरुफ है जमाने के रंगो में अब ,
जाने किन बाँहों में सोये हुए है ।
मस्त निगाही का भरम इस कदर ,
किन ख्वाबों को सँजोये हुए है ।।
जाने वो कहाँ पर खोये हुए है ।
हर आरजू में वो हर दुआ में वो ,
जाने किस कंधे पर रोये हुए है ।
मशरुफ है जमाने के रंगो में अब ,
जाने किन बाँहों में सोये हुए है ।
मस्त निगाही का भरम इस कदर ,
किन ख्वाबों को सँजोये हुए है ।।
"जय कुमार19/05/15
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