यह क्या हो रहा है , यह क्यों हो रहा है
जुड़कर तुं मुझसे , क्यों जुदा हो रहा है
खुशबु बनकर आया , तुं मेरी जिंदगी में ,
चाहत बढ़ाकर क्यों यूँ , नासूर हो रहा है।
मुझे जुनूने वफ़ा की , राहो में चलाकर ,
महफिलों में जाकर यूँ , बेआबरू हो रहा है।
मुझे जलजलों का खौफ , रहा कहाँ अब ,
मेरा यार ही जब यूँ , क़यामत हो रहा है।
धरा पर आया , तूं इंसान की औलाद है ,
अब क्यों इतना ,यूँ मगरूर हो रहा है।
"जय कुमार"
जुड़कर तुं मुझसे , क्यों जुदा हो रहा है
खुशबु बनकर आया , तुं मेरी जिंदगी में ,
चाहत बढ़ाकर क्यों यूँ , नासूर हो रहा है।
मुझे जुनूने वफ़ा की , राहो में चलाकर ,
महफिलों में जाकर यूँ , बेआबरू हो रहा है।
मुझे जलजलों का खौफ , रहा कहाँ अब ,
मेरा यार ही जब यूँ , क़यामत हो रहा है।
धरा पर आया , तूं इंसान की औलाद है ,
अब क्यों इतना ,यूँ मगरूर हो रहा है।
"जय कुमार"
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