कृत्रिम नम्रता में पड़कर हम,
सच्चे सहारे भी भूल गये ।
बड़ा मुश्किल है पहचाहना
लोगों की नियत मेरे मित्रो ,
नये जमाने की शुरुआत हुई,
रीति रिवाजो को भी भूल गये ।
"जय कुमार" 25/04/14
सच्चे सहारे भी भूल गये ।
बड़ा मुश्किल है पहचाहना
लोगों की नियत मेरे मित्रो ,
नये जमाने की शुरुआत हुई,
रीति रिवाजो को भी भूल गये ।
"जय कुमार" 25/04/14
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