कुदरत का कमाल देखिए ।
दिन रात सुबह शाम देखिए ।
हर नियम अटल होता यहाँ ,
बर्षा ठंड गर्मी के रंग देखिए ।
चाँद सूर्य की रोशनी देखिए ।
तारो का टिमटिमाना देखिए ।
हर पिण्ड चलता अपनी गति से ,
नक्षत्रों का आना जाना देखिए ।
चिड़ियों का घोंसला देखिए ।
चीटियों का होंसला देखिए ।
हरेक राह सुनिश्चित यहाँ ,
धरा नभ का फासला देखिए ।
पर्वत पवन आग जल देखिए ।
नदी समुद्र का जल देखिए ।
सबको मौका दिया गया यहाँ ,
बाढ़ आँधियो का बल देखिए ।
बर्फ से ढ़के पर्वतों को देखिए ।
वनों से घिरे जंगलों को देखिए ।
सौंदर्य बिकरा पड़ा चारो ओर ,
ढ़के बाग फूल फलों से देखिए ।
फसलों से खेत नाचते देखिए ।
भौंरो को राग गुनगुनाते देखिए ।
आनंद ही आनंद भरा पड़ा ,
कभी फूलों को खिलते देखिए ।
"जय कुमार" 25/04/14
दिन रात सुबह शाम देखिए ।
हर नियम अटल होता यहाँ ,
बर्षा ठंड गर्मी के रंग देखिए ।
चाँद सूर्य की रोशनी देखिए ।
तारो का टिमटिमाना देखिए ।
हर पिण्ड चलता अपनी गति से ,
नक्षत्रों का आना जाना देखिए ।
चिड़ियों का घोंसला देखिए ।
चीटियों का होंसला देखिए ।
हरेक राह सुनिश्चित यहाँ ,
धरा नभ का फासला देखिए ।
पर्वत पवन आग जल देखिए ।
नदी समुद्र का जल देखिए ।
सबको मौका दिया गया यहाँ ,
बाढ़ आँधियो का बल देखिए ।
बर्फ से ढ़के पर्वतों को देखिए ।
वनों से घिरे जंगलों को देखिए ।
सौंदर्य बिकरा पड़ा चारो ओर ,
ढ़के बाग फूल फलों से देखिए ।
फसलों से खेत नाचते देखिए ।
भौंरो को राग गुनगुनाते देखिए ।
आनंद ही आनंद भरा पड़ा ,
कभी फूलों को खिलते देखिए ।
"जय कुमार" 25/04/14
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