मेला लगा संसार में , पंछी का बसेरा कब तक ।
आना जाना लगा जमाने में , तेरा डेरा कब तक ।
चंद साँसे माँगकर लाये थे इस जहान में हम ,
चलने की तैयारी में , साँसों का घेरा कब तक ।
जय कुमार 19/04/14
आना जाना लगा जमाने में , तेरा डेरा कब तक ।
चंद साँसे माँगकर लाये थे इस जहान में हम ,
चलने की तैयारी में , साँसों का घेरा कब तक ।
जय कुमार 19/04/14
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