कल फिर कमाल हो गया ।
मेरा दिल कहीं खो गया ।
ख्वाबो में बसा था हमारे ,
उसका ही दीदार हो गया ।
कहीँ पर रब का घर भी है
हमें अब यकीन हो गया ।
शिद्दत से चाहा हमने जिसे ,
मुझसे अब वो रुबरु हो गया ।
मगरुर के घर में यारो कल ,
पैदा मुहब्बते नूर हो गया ।
देखकर मुफलिसी उसकी ,
अमीर का दिल मोम हो गया ।
दीवाना बन घूँमा बाजारों में ,
जालिम को भी प्यार हो गया ।
उसके हुस्न का जादु तो देखो ,
पानी भी शराब हो गया ।
जब चले राहों मेँ ठुमकके वो ,
लोगों का दिल बेकार हो गया ।
जय कुछ तो नया लिख अब ,
जमाना अब जानकार हो गया ।
"जय कुमार" 04/04/14
मेरा दिल कहीं खो गया ।
ख्वाबो में बसा था हमारे ,
उसका ही दीदार हो गया ।
कहीँ पर रब का घर भी है
हमें अब यकीन हो गया ।
शिद्दत से चाहा हमने जिसे ,
मुझसे अब वो रुबरु हो गया ।
मगरुर के घर में यारो कल ,
पैदा मुहब्बते नूर हो गया ।
देखकर मुफलिसी उसकी ,
अमीर का दिल मोम हो गया ।
दीवाना बन घूँमा बाजारों में ,
जालिम को भी प्यार हो गया ।
उसके हुस्न का जादु तो देखो ,
पानी भी शराब हो गया ।
जब चले राहों मेँ ठुमकके वो ,
लोगों का दिल बेकार हो गया ।
जय कुछ तो नया लिख अब ,
जमाना अब जानकार हो गया ।
"जय कुमार" 04/04/14
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