Friday, 11 April 2014

ना हिँदु बनाया

ना हिँदु बनाया था उसने ,
ना मुसलमान बनाया था ।
इस अनुपम सृष्टि पर ,
बेसकीमती इंसान बनाया था ।
उसको भी बाँट दिया इंसां ने
खुदगर्जी में जकड़कर ,
क्या बन गया यह इंसान ,
उसने इसे क्या बनाया था ।

"जय कुमार" 11/04/14

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