कल की बात जो मेरे साथ था ।
मेरे दर्दे गम का उसे अहसास था ।
सामने आकर भी अनजान बनता ।
एक दिन जो मेरा हमराज था ।
जय कुमार 23/04/14
आयेगा खुशहाल जमाना सुनता आया हूँ ।
आयेगा इंसान का जमाना सुनता आया हूँ ।
सदियों से बस सुना और सुनाया है हमने ,
टूटेंगें मजहबी मतभेद बस सुनता आया हूँ ।
जय कुमार 23/04/14
मेरे दर्दे गम का उसे अहसास था ।
सामने आकर भी अनजान बनता ।
एक दिन जो मेरा हमराज था ।
जय कुमार 23/04/14
आयेगा खुशहाल जमाना सुनता आया हूँ ।
आयेगा इंसान का जमाना सुनता आया हूँ ।
सदियों से बस सुना और सुनाया है हमने ,
टूटेंगें मजहबी मतभेद बस सुनता आया हूँ ।
जय कुमार 23/04/14
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