हसरते दिल जब मचल जायें ,
दिल खूब रोता है ।
दिल की बातें लबों पर आयें ,
तमाशा खूब होता है ।
कस्तियाँ भँवर में फँस जायेँ ,
नाविक खूब रोता है ।
फसाना दिल गम जो सुनायेँ ,
दीवाना खूब रोता है
मुफलिसी में जो मुस्कराये ,
इंसां खूब होता है ।
रोते चेहरे को जो हँसायें ,
प्यार खूब होता है ।
इंसान को इंसान जो बनाये ,
मजहब खूब होता है ।
खुशियाँ उनकी देख गम भुलायें ,
आशिक खूब होता है ।
जय कुमार 11/04/14
दिल खूब रोता है ।
दिल की बातें लबों पर आयें ,
तमाशा खूब होता है ।
कस्तियाँ भँवर में फँस जायेँ ,
नाविक खूब रोता है ।
फसाना दिल गम जो सुनायेँ ,
दीवाना खूब रोता है
मुफलिसी में जो मुस्कराये ,
इंसां खूब होता है ।
रोते चेहरे को जो हँसायें ,
प्यार खूब होता है ।
इंसान को इंसान जो बनाये ,
मजहब खूब होता है ।
खुशियाँ उनकी देख गम भुलायें ,
आशिक खूब होता है ।
जय कुमार 11/04/14
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