Monday, 7 April 2014

जब हसरतें जो

जब हसरतें जो मचलती हैं ,
तुम याद आते हो ।
जब चूड़ी जो खनकती हैं ,
तुम याद आते हो ।
जब मौसम जो बदलता हैं ,
तुम याद आते हौ ।
जब सर्दहवायेँ चलती हैं ,
तुम याद आते हो ।
जब साँवन जो बरषता हैं ,
तुम याद आते हो ।
जब बसंत जो खिलता हैं ,
तुम याद आते हो ।
कोयल गीत जो सुनाती हैं ,
तुम याद आते हो ।
जब मनमीत जो मिलता हैं ,
तुम याद आते हो ।
जब गुलाब जो खिलता हैं ,
तुम याद आते हो ।
जब रातें करवटे बदलती हैं ,
तुम याद आते हो ।
जब हसरतें जो मचलती हैं ,
तुम याद आते हो ।
जब चूड़ी जो खनकती हैं ,
तुम याद आते हो ।
तुम याद आते हो ।
तुम याद आते हो ।

"जय कुमार" 07/04/14

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