बिक गया ईमान , कागज की चमक देख ।
बहक गया मन , चूड़ियों की खनक देख ।
हिस्से हो गये माँ के अपने बेटों के बीच मेँ ,
बँट गये भाई , अब दौलत की दमक देख ।
"जय कुमार" 04/04/2014
बहक गया मन , चूड़ियों की खनक देख ।
हिस्से हो गये माँ के अपने बेटों के बीच मेँ ,
बँट गये भाई , अब दौलत की दमक देख ।
"जय कुमार" 04/04/2014
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