तेरा वो आँख चुराना , तेरा वो मुस्कराना ।
तेरा वो रुठना , तेरा वो मुझको मनाना ।
याद रहा बस अब एक ही चेहरा मुझको ,
तेरा वो झगड़के , फिर वो गले लग जाना ।
जय कुमार 20/04/14
तेरा वो रुठना , तेरा वो मुझको मनाना ।
याद रहा बस अब एक ही चेहरा मुझको ,
तेरा वो झगड़के , फिर वो गले लग जाना ।
जय कुमार 20/04/14
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