सियासत की चालें तो अभी जोरों पर है ।
कीचड़ उछालने का खेल अभी जोरों पर है ।
गड़े मुर्दा जिंदा होकर दहाड़ने लगे दोस्तो ,
मौका परस्ती का मेल अभी जोरों पर है ।
"जय कुमार" 04/04/14
कीचड़ उछालने का खेल अभी जोरों पर है ।
गड़े मुर्दा जिंदा होकर दहाड़ने लगे दोस्तो ,
मौका परस्ती का मेल अभी जोरों पर है ।
"जय कुमार" 04/04/14
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