तार जुड़ते जो दिलों के तो , कोई नयी बात बनती ।
बिलखते बच्चे जो हँसते तो , कोई नयी बात बनती ।
जमाना चला जा रहा जिन अंधकारमय रास्तोँ पर ,
राहें जो बदलती तो फिर , कोई नयी बात बनती । ।
"जय कुमार" 04/04/2014
बिलखते बच्चे जो हँसते तो , कोई नयी बात बनती ।
जमाना चला जा रहा जिन अंधकारमय रास्तोँ पर ,
राहें जो बदलती तो फिर , कोई नयी बात बनती । ।
"जय कुमार" 04/04/2014
No comments:
Post a Comment