शुभ दीपावली पर्व आज मनायेँ रे . . .
जीवन का अंधियारा आज मिटायेँ रे . . .
सबका मन हो जाये पतित पावन ,
खुशियोँ से भर जाये सबका आँगन ,
सात रंगो की बनी जा रंगोली ,
जीवन रंगोँ को दिखलायेँ रे . . . .
कर्म उदय के संकट सब काट के ,
धर्म पताका जग मेँ फहरा के ,
जगत मेँ मर्यादा को स्थापित कर ,
श्रीराम अयोध्या आज पधारे रे . . . .
जीवन को इक नई राह दिखाई ,
अहिँसा की जिनने शक्ति बतलाई ,
'जियो और जीने' की राह दी जिनने ,
हम महावीर निर्वाण आज मनायेँ रे . . . .
प्रकाश से अज्ञान हमारा मिट जाये ,
मन के हर कोने से अंधेरा मिट जाये ,
ज्ञान के बीज अंकुरित हो जाये ,
सब मिलकर प्रेम के गीत गायेँ रे . . .
"जय"
समस्त सम्मानीय मित्रो
को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ . .
जीवन का अंधियारा आज मिटायेँ रे . . .
सबका मन हो जाये पतित पावन ,
खुशियोँ से भर जाये सबका आँगन ,
सात रंगो की बनी जा रंगोली ,
जीवन रंगोँ को दिखलायेँ रे . . . .
कर्म उदय के संकट सब काट के ,
धर्म पताका जग मेँ फहरा के ,
जगत मेँ मर्यादा को स्थापित कर ,
श्रीराम अयोध्या आज पधारे रे . . . .
जीवन को इक नई राह दिखाई ,
अहिँसा की जिनने शक्ति बतलाई ,
'जियो और जीने' की राह दी जिनने ,
हम महावीर निर्वाण आज मनायेँ रे . . . .
प्रकाश से अज्ञान हमारा मिट जाये ,
मन के हर कोने से अंधेरा मिट जाये ,
ज्ञान के बीज अंकुरित हो जाये ,
सब मिलकर प्रेम के गीत गायेँ रे . . .
"जय"
समस्त सम्मानीय मित्रो
को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ . .
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