Tuesday, 5 November 2013

मेरे भाव

जयराम धागा प्रेम का , 
यदि अगर टूट जाए । 
अबकी ऐसे जोड़िए , 
तोड़े से तोड़ा ना जाए ।। 
"जय"12/08/2013


 

मुझपर इल्जाम क्योँ लगाते हो दोस्त ?
तुम्हारी शोहरत ने ही तुमको लूटा होगा . . .
एक वार पीछे मुड़कर तो देखा होता , 
मै तो परछाई बनकर चल रहा था , 
तुम्हारे अक्स ने ही तुमको लूटा होगा . . . 
"जय" शुभ  12/०८ /१३ 

 

जब तन मैँ चुभी हुई थी गोलियाँ , 
टूट रही थी उनकी साँसे , 
वो वोल रहे थे इंकलाब की बोलिया . . .
सरहद पर अपना खून बहाकर , 
दुश्मन पर गुर्राते हैँ जब वो , 
तब हम उठा पाते हैँ , 
बहु बेटियोँ की डोलियाँ . . . 
हिमालय के विराट सीने पर , 
खड़े हुए हैँ वो अटल , 
हिँद के मस्तक का चंदन बनकर , 
तब हम अपने घर मैँ , 
कर पाते हैँ ठिठोलियाँ . . .
उन वीर जवानो को जय करता , 
कोटि कोटि प्रणाम है , 
जो सरहद पर बोले वन्दे मातरम् की बोलियाँ . . .
 "जय" 14 ०८  १३


सियासत करने वाले , 
आज भी ना चूँके अपने वार से । 
इस शुभ दिन भी बो , 
सिर मारते रहे दीवार से ।। 
"जय"  15


जहाँ की वीरता की गाथायेँ , 
गाये सारा जहान । 
हिँदुस्तान की जान है ये , 
यह मारो राजस्थान ।। 
"जय"  17

अनजान वनने की इतनी , 
जद्दोजहत करते हो दोस्त , 
इससे अच्छा है क्योँ ना 
एक वार फिर , 
जान पहचान कर लेँ . . .
"जय"  17


मैने तो तुझको रुह मै वसा लिया है , 
साँसो मैँ वसाने वाले तो, 
साँस बँद होते ही चले जाया करते है दोस्त. . .
 "जय"  17 

का कहेँ भैया आज तौ , 
मोरी जारई जान । 
प्याज के लाने ब्याज के पैसा , 
अब कैसे खावै पान । । 
"जय"  17

यह भारत भूमि करती आज बहन को 
प्रणाम है . . . .
आज इस पवित्र रिस्ते का करते हम , 
सम्मान है . . . . 
जब हर पल करता रक्षा बहिन की , 
आज बहिन को अपने भाई पर होता , 
अभिमान है . . . .
जब तक सितारो मैँ रोशनी , 
तब तक भाई बचायेगा बहिन का, 
स्वाभिमान है . . . .
"जय" रक्षाबँधन की सभी को शुभकामनाएँ .  20





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