इस शहर मेँ आके हम ,
दुनिया से दूर हो चले . .
अपनोँ की तलाश मेँ हम ,
अपने से दूर हो चले . . .
आये थे सपनोँ को लिए ,
वो सपने सच ना हुए ,
जीते है जिनके लिए ,
वो ही अपने ना हुए ,
चलना चाहा जिस डगर ,
उस डगर से दूर हो चले . .
उड़ना चाहा मुक्त गगन मेँ ,
वो पंख हमको ना मिले ,
रहना चाहा जिनके दिल मेँ,
वो दिलदार हमको न मिलेँ ,
अंधेरो मेँ रहकर के हम ,
रोशनी से दूर हो चले . . .
रहनुमा बनाया था जिनको ,
वो ही हमको छोड़ने लगे ,
जिँदगी जुड़ी थी जिनसे ,
वो ही रिस्ते अब टूटने लगे ,
चले थे उनको राह दिखाने ,
हम रास्ते से दूर हो चले . . .
जिसके सहारे निकले थे ,
वो पतवार ही डूब गई ,
प्यार की बंधी जो आस ,
वो आस भी अब टूट गई ,
प्यार की तलाश मेँ जय ,
हम प्यार से दूर हो चले . . .
"जय" 5/10/2007
दुनिया से दूर हो चले . .
अपनोँ की तलाश मेँ हम ,
अपने से दूर हो चले . . .
आये थे सपनोँ को लिए ,
वो सपने सच ना हुए ,
जीते है जिनके लिए ,
वो ही अपने ना हुए ,
चलना चाहा जिस डगर ,
उस डगर से दूर हो चले . .
उड़ना चाहा मुक्त गगन मेँ ,
वो पंख हमको ना मिले ,
रहना चाहा जिनके दिल मेँ,
वो दिलदार हमको न मिलेँ ,
अंधेरो मेँ रहकर के हम ,
रोशनी से दूर हो चले . . .
रहनुमा बनाया था जिनको ,
वो ही हमको छोड़ने लगे ,
जिँदगी जुड़ी थी जिनसे ,
वो ही रिस्ते अब टूटने लगे ,
चले थे उनको राह दिखाने ,
हम रास्ते से दूर हो चले . . .
जिसके सहारे निकले थे ,
वो पतवार ही डूब गई ,
प्यार की बंधी जो आस ,
वो आस भी अब टूट गई ,
प्यार की तलाश मेँ जय ,
हम प्यार से दूर हो चले . . .
"जय" 5/10/2007
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