ठोकर जो लगेगी ,
दिल पर तो कोई ,
याद आयेगा तुझको . .
आँखोँ मेँ बसकर ,
रुलायेगा तुझको . .
प्यार के जज्वात से ,
खेलकर कौन खुश ,
रह पाया है यहाँ ,
समुंदर मेँ रहकर भी ,
प्यास तड़पायेगी जब ,
आकाश से चुराकर वो ,
कुछ बूँदे लायेगा तुझको . .
"जय" शुभ रात्रि मित्रो
दिल पर तो कोई ,
याद आयेगा तुझको . .
आँखोँ मेँ बसकर ,
रुलायेगा तुझको . .
प्यार के जज्वात से ,
खेलकर कौन खुश ,
रह पाया है यहाँ ,
समुंदर मेँ रहकर भी ,
प्यास तड़पायेगी जब ,
आकाश से चुराकर वो ,
कुछ बूँदे लायेगा तुझको . .
"जय" शुभ रात्रि मित्रो
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