मुझे यौँ बुजी हुई ,
निगाहो से ना देख ,
मैँ जानता हूँ कि ,
तु अभी आसमां मेँ ,
चल रहा है पर ,
आसमां मैँ जिँदगी ,
बसर नही होती . .
"जय"शुभ रात्रि मित्रो
निगाहो से ना देख ,
मैँ जानता हूँ कि ,
तु अभी आसमां मेँ ,
चल रहा है पर ,
आसमां मैँ जिँदगी ,
बसर नही होती . .
"जय"शुभ रात्रि मित्रो
No comments:
Post a Comment