माँ से ही महानता है ।
माँ से ही समानता है ।।
माँ से ही मृदुलता है ।
माँ से ही सरलता है ।।
माँ से ही जीवटता है ।
मा से ही अमिटता है ।।
माँ से ही मस्जिद है ।
माँ से ही मंदिर है ।।
माँ से ही हमारा जहाँ ।
माँ से ही चमके जहाँ ।।
माँ से ही मुरली आई ।
माँ से ही मिर्दँग सुनाई ।।
माँ से ही राग बनेँ है ।
माँ से ही साज बनेँ है ।।
माँ से ही मुशकान है ।
माँ से ही हर गान है ।।
माँ से ही बनीँ ममता ।
माँ से ही बनीँ समता ।।
माँ से ही आसमान है ।
माँ से ही हर अरमान है ।।
माँ से ही ईश्वर की मूरत ।
माँ से ही जग की सूरत ।।
"जय" १७/१०/२०१३
माँ से ही समानता है ।।
माँ से ही मृदुलता है ।
माँ से ही सरलता है ।।
माँ से ही जीवटता है ।
मा से ही अमिटता है ।।
माँ से ही मस्जिद है ।
माँ से ही मंदिर है ।।
माँ से ही हमारा जहाँ ।
माँ से ही चमके जहाँ ।।
माँ से ही मुरली आई ।
माँ से ही मिर्दँग सुनाई ।।
माँ से ही राग बनेँ है ।
माँ से ही साज बनेँ है ।।
माँ से ही मुशकान है ।
माँ से ही हर गान है ।।
माँ से ही बनीँ ममता ।
माँ से ही बनीँ समता ।।
माँ से ही आसमान है ।
माँ से ही हर अरमान है ।।
माँ से ही ईश्वर की मूरत ।
माँ से ही जग की सूरत ।।
"जय" १७/१०/२०१३
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