तेरी हर राह मेँ तुझको ही सराहा जाये ।
मेरी हर उम्मीद मेँ तुझको ही बिठाया जाये । ।
झूमती महफिल मेँ मैँ रहा जब उसके बिन ,
हर वक्त लगा उसकी यादोँ को बढ़ाया जाये ।।
थक कर हुआ चूर जब यह दीवाना दिल ,
तब लगा इस नादान दिल को सुलाया जाये ।।
नफरतो की आग मेँ झुलजा अब मेरा शहर ,
मस्जिद मेँ गीता मंदिर मेँ कुरान अब गाया जाये ।
"जय"
मेरी हर उम्मीद मेँ तुझको ही बिठाया जाये । ।
झूमती महफिल मेँ मैँ रहा जब उसके बिन ,
हर वक्त लगा उसकी यादोँ को बढ़ाया जाये ।।
थक कर हुआ चूर जब यह दीवाना दिल ,
तब लगा इस नादान दिल को सुलाया जाये ।।
नफरतो की आग मेँ झुलजा अब मेरा शहर ,
मस्जिद मेँ गीता मंदिर मेँ कुरान अब गाया जाये ।
"जय"
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