Tuesday, 5 November 2013

मेरे भाव

मुझे भी अपना सा कोई सहारा मिलता। 
मेरे साथ भी कोई यों प्यारा चलता।
राह के पत्थर को कौन पूजता है यंहा ,
काश मुझे भी मंदिर का सहारा मिलता।।
"jay" २८ /१०/२०१३ 

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