खून का रिस्ता ना हो ,
जहाँ विश्वास प्रबल हो ।
अहसास की खुशबु हो ,
वहाँ मित्रता अटल हो ।।
'जय' 04/08/2013
"कौन कहता है कि हम ,
तुमे याद नहीँ करते ,
एक नजर गौर से ,
देखा तो होता ,
मेरी परछाई मैँ भी ,
तुम नजर आते हो दोस्त"
. ."जय" . . .04/08
पानी पानी सब कहेँ ,
पानी जीवन की भोर ।
उनका पानी मर गया ,
जिनपर राजनीति का जोर ।।
"
जय" शुभ रात्रि दोस्तो 08
मोरो मन चंचल भयो ,
उड़के गयो आकाश ।
ढूड़त हरि को जग मैँ ,
जो भीतर है प्रकाश ।।
"जय 08
मन मोदक तोरो भयो ,
तन गुलाब जामुन होय ।
बिन जनता मैँ जायेँ जब,
पी एम पद पाओ होय ।।
"जय" 08
अबकी साँवन ऐँसो बरसो ,
रोम रोम भीग गयो मोरो ।
हरि चुनरिया भीग रही ,
और भीग गयो तन गोरो ।।
"जय" 08/08
राम रहीम काशी काबा ,
सब मैँ एक रब का नूर ।
हम एक रहे जीवन भर ,
यही दुआ है मेरी हुजूर ।।
"जय" 09
अब तक मै सोचत रहो ,
जा दुनिया है अनमोल ।
एक दिन अपने से मिलो ,
समझा दुनिया माटी मोल ।।
"जय" 10
उल्लू कहे कोयल से ,
मोहे नौनो राग सुनाओ ।
ज्योँ गुबरीला कहे ,
मोहे गोबर मै ले जाओ ।।
"जय" 10
जहाँ विश्वास प्रबल हो ।
अहसास की खुशबु हो ,
वहाँ मित्रता अटल हो ।।
'जय' 04/08/2013
"कौन कहता है कि हम ,
तुमे याद नहीँ करते ,
एक नजर गौर से ,
देखा तो होता ,
मेरी परछाई मैँ भी ,
तुम नजर आते हो दोस्त"
. ."जय" . . .04/08
पानी पानी सब कहेँ ,
पानी जीवन की भोर ।
उनका पानी मर गया ,
जिनपर राजनीति का जोर ।।
"
जय" शुभ रात्रि दोस्तो 08
मोरो मन चंचल भयो ,
उड़के गयो आकाश ।
ढूड़त हरि को जग मैँ ,
जो भीतर है प्रकाश ।।
"जय 08
मन मोदक तोरो भयो ,
तन गुलाब जामुन होय ।
बिन जनता मैँ जायेँ जब,
पी एम पद पाओ होय ।।
"जय" 08
अबकी साँवन ऐँसो बरसो ,
रोम रोम भीग गयो मोरो ।
हरि चुनरिया भीग रही ,
और भीग गयो तन गोरो ।।
"जय" 08/08
राम रहीम काशी काबा ,
सब मैँ एक रब का नूर ।
हम एक रहे जीवन भर ,
यही दुआ है मेरी हुजूर ।।
"जय" 09
अब तक मै सोचत रहो ,
जा दुनिया है अनमोल ।
एक दिन अपने से मिलो ,
समझा दुनिया माटी मोल ।।
"जय" 10
उल्लू कहे कोयल से ,
मोहे नौनो राग सुनाओ ।
ज्योँ गुबरीला कहे ,
मोहे गोबर मै ले जाओ ।।
"जय" 10
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